एक ऐसी दुनिया में जहाँ सच्चे प्यार की तलाश है, वह सब कुछ पा चुका था। वह, जो कभी एक धनी उत्तराधिकारी थी, अपनी प्रतिष्ठा खो चुकी थी, लेकिन मिस्टर लॉरेंस की बाहों में उसे अपनाया गया। उन्होंने घोषणा की कि कोई भी उनकी प्यारी पत्नी का अपमान करने की हिम्मत नहीं करेगा, और उसने हर शब्द पर विश्वास किया। उनके जुनून में डूबे हुए, उसने अनंत प्रेम का इज़हार किया, और उसने पूरे दिल से इसे अपनाया। लेकिन किस्मत के कुछ और ही इरादे थे। जब त्रासदी ने दस्तक दी और वह उससे छीन ली गई, तो वह इसे स्वीकार नहीं कर सका। निराश होकर, उसने दुनिया के कोने-कोने में उसे ढूंढा, यह मानने से इनकार करते हुए कि वह चली गई है। वर्षों बाद, एक उम्मीद की किरण उभरी—एक छोटा सा खुशी का बंडल, एक बेहद आकर्षक आदमी की ओर इशारा करते हुए मासूमियत से पूछता है, "माँ, क्या वह पापा हैं?" इस दिल टूटने और मोचन की कहानी में, वे एक बार फिर से एक साथ लाए जाते हैं, उनका प्यार समय और उन परीक्षाओं से परखा जाता है जिन्होंने उन्हें अलग किया था। क्या वे एक बार फिर एक-दूसरे की बाहों में सुकून पाएंगे, या अतीत के घाव हमेशा उनके भविष्य को सताते रहेंगे? इस तूफानी रोमांस में डूब जाइए जहाँ प्यार सब पर विजय प्राप्त करता है, और जहाँ साझा अतीत की कड़वी-मीठी गूँज के बीच खुशी का दूसरा मौका बुलाता है।
(मैं अत्यधिक अनुशंसा करता हूँ कि आप इस आकर्षक पुस्तक को पढ़ें जिसे मैं तीन दिन और रातों तक नहीं छोड़ सका। यह बेहद रोचक है और अवश्य पढ़ी जानी चाहिए। पुस्तक का शीर्षक है "After Car Sex with the CEO"। आप इसे खोज बार में खोज कर पा सकते हैं।)